भगवान शिव का प्रिय महीना यानी सावन शुरू हो गया है. ऐसे में गंगाजल लेने के लिए कांवड़ियों की भीड़ उमड़ने लगी है. गंगा जल भरने से पहले कांवड़िए डुबकी लगाते हैं, लेकिन इस दौरान जरा सी लापरवाही उन भारी पड़ जाती है. ऐसा ही कुछ चमगादड़ टापू और प्रेम नगर आश्रम घाट के पास देखने को मिला. यहां कुछ कांवड़िए गंगा स्नान करते वक्त बह गए, लेकिन एसडीआरएफ के जवानों ने उन्हें बचा लिया.
बता दें कि कांवड़ उठाने से पहले कांवड़िए गंगा में स्नान करते हैं. कई बार देखने को मिलता है कि गंगा के जलस्तर या गहराई का सही अंदाजा कांवड़ियों को नहीं हो पाता. जिसके कारण वो दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं. जिसे देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन की ओर से घाटों पर एसडीआरएफ, जल पुलिस, पीएसी के जवान तैनात हैं, जो ऐसी घटनाओं पर नजर बनाए रखते हैं.
पहली घटना चमगादड़ टापू के पास की है. यहां आज सुबह 3 कांवड़िए गंगा में स्नान करते हुए पानी की धारा में बह गए. मौके पर तैनात एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गंगा में छलांग लगाकर तीनों को बचा लिया. बताया जा रहा है कि कांवड़िए दिल्ली के रोहिणी के रहने वाले हैं.
दूसरी घटना प्रेम नगर आश्रम घाट की है. यहां ड्यूटी के दौरान एसडीआरएफ की डीप डाइविंग टीम ने घाट पर एक श्रद्धालु को गंगा में डूबते देखा. जिस पर एसडीआरएफ के रेस्क्यूर कॉन्स्टेबल नवीन कुमार और कॉन्स्टेबल सागर कुमार ने तत्परता दिखाते हुए बिना समय गंवाए गहरे पानी में उतरकर युवक तक पहुंच बनाई और उसे बचा लिया.
