उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजधानी स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में शहरी विकास विभाग के अंतर्गत नवचयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी सेवा से जोड़ने का संकल्प दोहराया, बल्कि प्रदेश के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातें भी दीं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ₹62 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास किया। इसके साथ ही, शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
नवनियुक्त निरीक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने साझा किया कि पिछले चार वर्षों में लगभग 30 हजार युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। लोक सेवा आयोग के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया से चुने गए सफाई निरीक्षकों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “आज आपके जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है, जो सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य और शहर की छवि से जुड़ी है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि शहर अब आर्थिक गतिविधियों के केंद्र बन चुके हैं, इसलिए कूड़ा प्रबंधन और मूलभूत सुविधाओं के लिए निकायों की प्रशासनिक क्षमता बढ़ाना अनिवार्य है। पिछले 5 वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर निरीक्षकों और 32 अवर अभियंताओं की नियुक्ति इसी दिशा में एक कदम है।
उत्तराखंड की धार्मिक महत्ता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले माह से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है और 2027 में कुंभ मेला आयोजित होना है। ऐसे में लाखों श्रद्धालुओं की आमद के बीच स्वच्छता बनाए रखना नगर निकायों और सफाई निरीक्षकों के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।
मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का विवरण भी प्रस्तुत किया:
- स्वच्छता एवं पर्यावरण: स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत योजना, और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन के जरिए कचरा मुक्त शहरों का लक्ष्य।
- ई-मोबिलिटी: पर्यावरण संरक्षण हेतु 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन।
- तकनीकी निगरानी: कूड़ा वाहनों की ट्रैकिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर।
- कल्याणकारी योजनाएं: निराश्रित गौवंश के लिए आश्रय योजना और पर्यावरण मित्रों के लिए ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’।
