उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज तेजी से बदलता हुआ नजर आ रहा है. राज्य के मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय जनपदों तक तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. खास बात यह है कि इस बार तापमान में बढ़ोतरी का असर पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक देखने को मिला है, जहां सामान्य से अधिक गर्मी महसूस की जा रही है. हालांकि अगले कुछ दिनों लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार है.
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मैदानी जिलों में तापमान में लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि पर्वतीय जनपदों में यह बढ़ोतरी 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गई है. आमतौर पर ठंडे रहने वाले पहाड़ी इलाकों में इस तरह तापमान बढ़ना लोगों के लिए असामान्य स्थिति पैदा कर रहा है.
दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है. वहीं रात के समय भी तापमान में खास गिरावट नहीं देखी जा रही है. हालांकि इस बढ़ती गर्मी के बीच राहत की खबर भी सामने आ रही है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मौसम के फिर से बदलने की संभावना जताई है. विशेष रूप से पर्वतीय जनपदों में हल्की बारिश होने के आसार हैं, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है.
अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश की संभावना व्यक्त की गई है. इनमें उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे जिले शामिल हैं. इन क्षेत्रों में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना हो सकता है.
मौसम विभाग ने 25 अप्रैल से अगले तीन दिनों के लिए अलर्ट भी जारी किया है. इस दौरान मौसम में तेजी से बदलाव हो सकता है और कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की संभावना है. विशेष रूप से 28 अगस्त को तेज हवाओं का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है, जहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. ऐसी स्थिति में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
इस तरह का मौसम परिवर्तन सामान्य मानसूनी गतिविधियों का हिस्सा है, लेकिन अचानक तापमान में वृद्धि और फिर बारिश व बर्फबारी की संभावना मौसम के अस्थिर स्वरूप को दर्शाती है. इससे कृषि, पर्यटन और दैनिक जीवन पर भी प्रभाव पड़ सकता है.
किसानों के लिए यह मौसम मिला जुला संकेत लेकर आया है, जहां एक ओर बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं तेज हवाएं और अचानक मौसम परिवर्तन नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. इसी तरह पर्यटन क्षेत्र में भी मौसम का सीधा असर देखने को मिलेगा, जहां ठंडक और बर्फबारी पर्यटकों को आकर्षित कर सकती है, वहीं खराब मौसम यात्रा में बाधा भी बन सकता है.
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर बताते हैं कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और संकेत मिल रहे हैं कि पर्वतीय जनपदों में कुछ जगह पर बारिश और बर्फबारी तक के भी संकेत हैं.
