अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट संघ से जुड़े टेक्नीशियनों ने सचिवालय कूच किया. पुलिस ने सचिवालय के पास बेरोजगार लैब तकनीशियनों को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. जिसके बाद आंदोलनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की. हंगामा बढ़ता देख पुलिस प्रशासन प्रदर्शनकारियों को जबरन वाहनों में भरकर एकता विहार धरना स्थल ले जाया गया. इसके बाद सभी लैब टेक्नीशियन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं.
संगठन की ओर से आज भूतपूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई. संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य गठन से पहले से संचालित बीएससी MLT पाठ्यक्रम से प्रति वर्ष सैकड़ो छात्र छात्राएं उत्तीर्ण हो रहे हैं ,लेकिन राज्य गठन के 26 साल बाद भी लैब टेक्निशियनों के लिए स्पष्ट सेवा नियमावली और स्थाई रोजगार की व्यवस्था नहीं की गई है.
महासचिव मयंक राणा ने आरोप लगाया कि पंजीकृत और प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियनों को लगातार सरकार सेवाओं से वंचित रख रही है, जबकि सरकारी अस्पतालों की लैबों को पीपीपी मोड पर निजी कंपनियों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है. सरकार इस तरह के प्रयासों से स्थाई रोजगार के अवसर खत्म कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं.
लैब टेक्नीशियनों ने कहा कि पहाड़ी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में लैब टेक्निशियनों की भारी कमी के कारण वहां के लोगों को अपनी छोटी-छोटी जांच कराने के लिए दूरदराज के क्षेत्र में जाना पड़ता है. साथ ही उनकी जेब पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है.
संघ ने सरकार से आईपीएचएस मानकों के अनुरूप प्रदेश में लैब टेक्निशियनों के पदों को जल्द सृजित किए जाने, सभी रिक्त पदों को वर्षवार मैरिट के आधार पर पारदर्शी तरीके से भरे जाने, लंबे समय से भारती भीम ना होने की वजह से आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट प्रदान किए जाने सहित सरकारी लैबों के निजीकरण पर रोक लगाये जाने की मांग की है. संघ ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो उन्हें उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
