राजधानी देहरादून के पटेल नगर थाना क्षेत्र में बीते रविवार को वकील सोहेल हारुन की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वकील की हत्या के आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को देहरादून-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर रखकर करीब एक घंटे तक जाम लगाए रखा. अब इस मामले में पुलिस ने नेशनल हाईवे को जाम करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में 12 नामजद और 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
बता दें कि पुलिस ने वारदात के दस घंटे के अंदर ही वकील सोहेल हारुन के हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया था. वकील सोहेल हारुन का हत्यारोपी कोई बाहर वाला नहीं, बल्कि खुद सोहेल हारुन का छोटा भाई शाहिद ही निकला था. दोनों भाइयों के बीच रुपए को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था. इसी वजह से छोटे भाई शाहिद ने बड़े भाई सोहेल हारुन की हत्या की थी. पुलिस ने आरोपी भाई की क्राइम कुंडली खंगाली है, जिसके बाद कई चौकाने वाले खुलासे हुए है.
पुलिस के आरोपी शाहिद के घर से दो अवैध पिस्टल भी मिली है. फिलहाल पुलिस उन लोगों का पता लगाने में जुटी हुई है, जिनसे शाहिद ने अवैध पिस्टल खरीदी थी. पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा.
पुलिस ने बताया कि 14 जून रविवार देर रात करीब 10.57 बजे उन्हें सूचना मिली थी कि अज्ञात लोगों ने भुड्डी गांव में रहने वाले सोहेल हारून को घर में घुसकर गोली मारी थी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो सोहेल की मौत हो चुकी थी. पुलिस सोहेल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने की तैयारी कर थी, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने इस घटना का विरोध किया. गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने सोहेल का शव देहरादून पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया.
आखिर में पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन कोई भी पुलिस की सुनने को तैयार नहीं था. इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा. इसीलिए पुलिस ने अब इस मामले में हाईवे को जाम करने और सरकारी काम में बांधा पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की.
सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन करने वाले अरशद, वसीम, नौशाद, सैय्याद, समीर, अनवर अली, अजब, सरफराज, फुरकान, आरिफ, मोइन और अरशद को नामजद किया है, जबकि 100 से 150 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए सभी के खिलाफ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने, लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
