करीब 54 लाख रुपए के गबन के मामले में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की कमांद शाखा के तत्कालीन कैशियर अभिलाष शर्मा को गिरफ्तार किया गया है. जिसके बाद कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. वहीं, पुलिस मामले में गबन की पूरी रकम, फंड फ्लो और इस मामले में अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच में जुट गई है.
पुलिस के मुताबिक, बीती 30 जून को उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के कमांद शाखा के शाखा प्रबंधक ने थाना छाम में ई-एफआईआर के माध्यम से करीब ₹54 लाख के गबन की सूचना के तहत एफआईआर दर्ज करवाई थी. बैंक की आंतरिक ऑडिट एवं जांच समिति की जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि तत्कालीन कैशियर अभिलाष शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग कर कई खाताधारकों के खातों से फर्जी हस्ताक्षरों एवं फर्जी निकासी वाउचरों के माध्यम से अवैध तरीके से 54 लाख रुपए की धनराशि का गबन किया है.
वहीं, करीब 54 लाख रुपए के गबन की सूचना के आधार पर थाना छाम ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के धारा 318(4) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर तत्काल जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी एवं क्षेत्राधिकारी चंबा के पर्यवेक्षण में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई. टीम ने बैंक अभिलेखों, खाताधारकों के बैंक स्टेटमेंट, निकासी वाउचरों, वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच की.
जांच के दौरान ये भी सामने आया कि गबन की गई धनराशि का एक हिस्सा आरोपी ने अपने खाते और अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया था. पर्याप्त सूबत मिलने कर बाद पुलिस की टीम ने देहरादून में दबिश दी. जिसके तहत 2 जुलाई को आरोपी अभिलाष शर्मा पुत्र विजय शर्मा निवासी शक्ति कॉलोनी, प्रेमनगर रोड, बड़ोवाला (देहरादून) को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया.
