मार्च-अप्रैल और नवंबर-दिसंबर में इस पर फल आते हैं. किसान एक ही पौधे से साल में दो बार जामुन की पैदावार ले सकते हैं
पंतनगर: अगर आप जामुन के शौकीन हैं, तो ये खबर आपके लिए खास है. पंतनगर किसान मेले में जामुन की एक ऐसी प्रजाति आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जो साल में दो बार फल देती है. ‘थाई अर्ली किंग’ नाम की इस प्रजाति के एक जामुन का वजन 55 से 60 ग्राम तक बताया जा रहा है. खास बात ये है कि पौधा महज डेढ़ से दो साल में फल देना शुरू कर देता है.
पंतनगर किसान मेले में ‘थाई अर्ली किंग’ बना आकर्षण: जामुन का नाम सुनते ही आमतौर पर छोटे आकार और एक मौसम में मिलने वाले फल की तस्वीर सामने आती है.
लेकिन पंतनगर किसान मेले में जामुन की एक ऐसी प्रजाति चर्चा में है, जिसने किसानों और मेलार्थियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. कोलकाता की शबनम नर्सरी के स्टॉल पर ‘थाई अर्ली किंग’ जामुन के पौधे लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.
अब साल में दो बार लीजिए जामुन का स्वाद: दावा है कि इस प्रजाति का एक फल सामान्य जामुन के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा बड़ा होता है और इसका वजन करीब 55 से 60 ग्राम तक पहुंच सकता है. इस जामुन की सबसे बड़ी खासियत इसका साल में दो बार फल देना बताया जा रहा है. नर्सरी संचालक के मुताबिक-
मार्च-अप्रैल और नवंबर-दिसंबर में इस पर फल आते हैं. यानी किसान और बागवान एक ही पौधे से साल में दो बार जामुन की पैदावार ले सकते हैं. जामुन के पौधे को फल देने में करीब पांच साल लग जाते हैं. फल का वजन लगभग 20 से 25 ग्राम होता है. इसके मुकाबले थाई अर्ली किंग का पौधा करीब डेढ़ से दो साल में फल देना शुरू कर देता है.
-अयान मंडल, नर्सरी संचालक-
ये है इस जामुन की खासियत: इस प्रजाति की एक और खासियत इसका छोटा बीज और फल का डंठल से मजबूत जुड़ाव बताया जा रहा है. नर्सरी के अनुसार तेज हवा में इसके फल आसानी से नहीं गिरते और इसकी सेल्फ लाइफ भी बेहतर रहती है.
नर्सरी संचालक का कहना है कि तराई क्षेत्र की जमीन और यहां का तापमान इस प्रजाति की खेती के लिए अनुकूल है. किसान मेले में इस प्रजाति का पौधा किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है.
डॉक्टर ने बताए जामुन के लाख: डॉक्टर प्रियरंजन तिवारी, एमडी आयुर्वेद ने बताया कि-
जामुन के रेगुलर यूज से शुगर के साथ साथ कई तरह की बीमारियों को दूर किया जा सकता है. जामुन में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो जोड़, पेट से संबंधित, किडनी रोग और कई ऐसी बीमारियों से लड़ने में काम आता है.
-डॉक्टर प्रियरंजन तिवारी, एमडी, आयुर्वेद-
डॉक्टर प्रियरंजन ने बताया कि जामुन में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं.
जामुन में पोषक तत्व और उनकी मानव शरीर के लिए भूमिका
- विटामिन C – इम्युनिटी और एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा
- फाइबर – पाचन और कब्ज से बचाव में मदद
- पोटैशियम – मांसपेशियों और सामान्य रक्तचाप के लिए जरूरी
- कैल्शियम – हड्डियों और दांतों के लिए
- आयरन – हीमोग्लोबिन बनाने में मदद
- मैग्नीशियम – मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के कार्य में
- फॉस्फोरस – हड्डियों और ऊर्जा मोटाबॉलिज्म में
- पॉलीफेनॉल – एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव
- एंथोसाइनिन – जामुन के गहरे रंग और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से जुड़े यौगिक
- प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट – शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं
