उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ाने के लिए शुरू की गई भ्रष्टाचार निवारण हेल्पलाइन 1064 की समीक्षा की गई. समीक्षा बैठक के बाद साल 2022 से 2025 तक टोल फ्री नंबर 1064 पर दर्ज शिकायत और उनके निराकरण को लेकर की गई कार्रवाई की जानकारी विजिलेंस डायरेक्टर वी मुरुगेशन ने दी. उन्होंने बताया कि इन 3 सालों में भ्रष्टाचार निवारण हेल्पलाइन के माध्यम से मिली शिकायतों पर 71 फीसदी सक्सेस रेट के साथ कार्रवाई की गई है.
बता दें कि आज यानी 9 सितंबर को पुलिस मुख्यालय से विजिलेंस डायरेक्टर वी मुरुगेशन ने अहम जानकारियां दी. उन्होंने बताया कि अप्रैल 2022 से सितंबर 2025 तक टोल फ्री नंबर 1064 पर कुल 9,424 शिकायतें मिली. इन शिकायत में से नॉन विजिलेंस एंगल की 8,005 शिकायत थी तो वहीं विजिलेंस एंगल की 1,421 से शिकायत शामिल थी.
विजिलेंस डायरेक्टर वी मुरुगेशन ने बताया कि नॉन विजिलेंस एंगल की शिकायतों को संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया गया तो वहीं, विजिलेंस एंगल की 1,421 शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई की गई. जिसमें 62 शिकायतों में ट्रैप के तहत और अन्य सभी शिकायतों में जांच की कार्रवाई शुरू की गई है.
उन्होंने बताया कि जैसे ही एंटी करप्शन डिपार्टमेंट को रिश्वत मांगे जाने की शिकायत टोल फ्री नंबर 1064 से मिलती है तो नियमानुसार संबंधित के खिलाफ ट्रैप की कार्रवाई की जाती है. वी मुरुगेशन ने बताया कि इस साल 2025 में टोल फ्री नंबर 1064 के माध्यम से मिली 331 शिकायत में अग्रिम कार्रवाई करते हुए 12 ट्रैप के मामलों के रूप में दिए गए हैं.
विजिलेंस डायरेक्टर वी मुरुगेशन ने बताया कि साल 2023 से लेकर अब तक विजिलेंस के पास एंटी करप्शन हेल्पलाइन 1064 के तहत आई शिकायतों में राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पंचायती राज विभाग, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, राज्य कर विभाग, वन विभाग, शहरी विकास विभाग, आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें मिली है.
इसके अलावा हाउसिंग परिषद, खाद्य आपूर्ति विभाग, लघु सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग, सहकारिता विभाग, समाज कल्याण विभाग, वित्त विभाग, सैनिक कल्याण विभाग, समाज कल्याण, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास, विभाग वित्त विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है.
