उत्तराखंड में विभिन्न सेक्टर्स के लिए भविष्य की रणनीति को तय करने वाला चिंतन शिविर फिलहाल स्थगित हो गया है. इसके लिए शासन स्तर से सभी अधिकारियों को सूचित करने से जुड़ा आदेश जारी किया गया है. जिसमें अपरिहार्य कारणों से चिंतन शिविर को स्थगित करने की बात कही गई है. हालांकि, राज्य के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को स्थगित किए जाने की वजह प्रधानमंत्री मोदी के आगामी प्रस्तावित कार्यक्रम को माना जा रहा है.
बता दें कि साल 2022 में पहली बार ब्यूरोक्रेट्स ने चिंतन शिविर के माध्यम से राज्य के लिए नई दिशा तलाशने के प्रयास शुरू किए. इसी प्रैक्टिस को आगे बढ़ते हुए राज्य में एक बार फिर तीन दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन होने जा रहा था.
ये कार्यक्रम नैनीताल के उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में 11 से 13 सितंबर तक आयोजित होना तय हुआ था. जिसमें शासन के तमाम आईएएस (IAS) अफसरों के साथ जिलाधिकारी भी हिस्सा लेने वाले थे, लेकिन फिलहाल ये पूरा कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया.
वैसे तो शासन स्तर पर जारी हुए पत्र में उसके पीछे की वजह नहीं लिखी गई है और इसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित होना बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड में प्रस्तावित दौरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.
माना जा रहा है कि 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड पहुंच सकते हैं, इस दौरान वे प्रदेश में आपदा प्रभावित क्षेत्र की स्थिति को हवाई मार्ग से देख सकते हैं. हालांकि. अभी यह कार्यक्रम आधिकारिक तौर पर तय नहीं हो पाया है.
वैसे इस बार चिंतन शिविर सामाजिक-आर्थिक प्रगति और भविष्य के लक्ष्य (Socio Economic Progress And Future Goals) विषय पर आयोजित होना था. यानी राज्य के आर्थिक विकास के साथ भविष्य में विभिन्न सेक्टर के लिए योजनाओं के लक्ष्य पर शिविर के दौरान बातचीत की जानी थी.
खास बात ये है कि इस कार्यक्रम के लिएमुख्य सचिव आनंद वर्धन का पत्र जारी होने के बाद से ही नियोजन विभाग के साथ अन्य विभाग भी लगातार इसकी तैयारी में जुटे हुए थे. इसके अलावा तमाम अधिकारी भी चिंतन शिविर 2025 के दौरान प्रेजेंटेशन देने के लिए खुद की तैयारी भी कर रहे थे.
अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम की चर्चा सामने आते ही चिंतन शिविर 2025 के कार्यक्रम को स्थगित किए जाने का आदेश सामने आ गया. चिंतन शिविर के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में तमाम अधिकारियों को अपना प्रेजेंटेशन दिखाना था और पूर्व से तय की गई योजनाओं या सेक्टर पर प्रेजेंटेशन तैयार किया जा रहा था.
इस दौरान प्रदेश के तमाम आईएएस अधिकारियों के अलावा नीति आयोग के विशेषज्ञ और तमाम दूसरे विशेषज्ञ के साथ ही इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी इसमें शामिल होने वाले थे. हालांकि, ये भी माना जा रहा है कि जल्द ही इसके लिए कोई नई तारीख जारी की जा सकती है.
