उधम सिंह नगर के काशीपुर में जुलूस के दौरान हुई उपद्रव के 3 दिन बाद फिर से काशीपुर में माहौल खराब करने का प्रयास किया गया. ये आरोप पुलिस ने कुछ अराजक तत्वों पर लगाया है. हालांकि, पुलिस की सतर्कता और निगरानी के कारण मामला शांतिपूर्ण तरीके से शांत हुआ. मामला ‘नाबालिग की पुलिस हिरासत में मौत’ की अफवाह से जुड़ा है.
काशीपुर में रविवार 21 सितंबर की रात मोहल्ला अल्लीखां में बिना अनुमति एक जुलूस का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बिना अनुमति जुलूस न निकालने की अपील की. इस दौरान कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस कर्मियों से मारपीट कर दी. जिसका वीडियो भी सामने आया था. इसके बाद पुलिस ने मामले में जुलूस का नेतृत्व करने वाले समेत कुछ लोगों को गिरफ्तार किया और 400 से 500 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया.
वहीं बुधवार रात काशीपुर में एक अफवाह फैलाकर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की. पुलिस का आरोप है कि मोहल्ला अल्ली खां में एक अफवाह तेजी से फैली कि काशीपुर में ‘पुलिस की हिरासत में पिटाई से नाबालिग की मौत’ हो चुकी है. इस अफवाह पर मोहल्ले के सभी लोग पुलिस चौकी की तरफ बढ़ने लगे. लेकिन पुलिस प्रशासन ने सूझबूझ का परिचय देते हुए समुदाय के जनप्रतिनिधियों को बांसफोड़ान पुलिस चौकी बुलाया और उक्त नाबालिग से मुलाकात करवाई. साथ ही जनप्रतिनिधियों के सामने ही नाबालिग को परिजनों के सुपुर्द कर दिया.
एसपी काशीपुर अभय सिंह ने स्थानीय लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की. उन्होंने कहा कि समाज विरोधी कुछ तत्व हैं, जो लगातार आम जन के बीच में रहकर अफवाह फैलाकर शांति व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं. एसपी अजय सिंह ने लोगों से भी ऐसे अराजक तत्वों को चिन्हित कर पुलिस को जानकारी देने की बात कही है. जानकारी देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. सोशल मीडिया और अन्य सोशल प्लेटफार्म पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी.
वहीं कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन ने कहा कि अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है. मुस्लिम जनप्रतिनिधि हसीन खान ने बताया कि ‘नाबालिग की पुलिस पिटाई से मौत’ की बात झूठी है. कुछ लोग बेवजह ऐसी अफवाह फैलाकर काशीपुर का माहौल खराब करना चाहते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर पुलिस को पूरा सहयोग है.
