कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुई आतंकी घटना के बाद अब उत्तराखंड में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. गृह मंत्रालय के निर्देश पर नैनीताल जिले में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सीएपीएफ) की दो कंपनियां तैनात की गई हैं. यह फोर्स पर्यटन स्थलों और धार्मिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी.
उत्तराखंड में पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं. पिछले वर्ष कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद केंद्र सरकार ने पर्यटन और धार्मिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए थे. इसी के तहत गृह मंत्रालय के निर्देश पर उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने नैनीताल जिले को एसएसबी और सीएपीएफ की दो कंपनियां उपलब्ध कराई हैं. पैरामिलिट्री फोर्स को हल्द्वानी, नैनीताल, भीमताल समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों और यात्रा मार्गों पर तैनात किया गया है.
यह फोर्स पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी. सुरक्षा कर्मी लगातार चेकिंग अभियान चला रहे हैं और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है. इसके अलावा क्विक रिस्पांस टीम यानी क्यूआरटी (QRT) को भी सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी के मुताबिक, आने वाले दिनों में पर्यटन सीजन और धार्मिक यात्राओं में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है. कुमाऊं मंडल से आदि कैलाश यात्रा शुरू हो चुकी है, जबकि जून महीने से कैलाश मानसरोवर यात्रा भी प्रारंभ होनी है. ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स संयुक्त रूप से निगरानी कर रही हैं. प्रशासन का कहना है कि यात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.
