हरिद्वार में अवैध रूप से चल रहे सांपों के वेनम सेंटर का राज खुलने जा रहा है. दरअसल सेंटर के मास्टरमाइंड से वन विभाग सेंटर की पूरी कहानी उगलवाने की तैयारी कर रहा है. फिलहाल पकड़े गए मुख्य आरोपी से बरामद जहर को जांचने की तैयारी चल रही है.
हरिद्वार में संचालित अवैध सांपों के वेनम सेंटर मामले में आखिरकार मुख्य आरोपी नितिन को वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है. लंबे समय से फरार चल रहे नितिन की गिरफ्तारी को विभाग बड़ी सफलता मान रहा है. करीब एक महीने से ज्यादा समय तक लापता रहने के बाद नितिन अब वन विभाग की गिरफ्त में है.
बताया जा रहा है कि आरोपी कोर्ट में आत्मसमर्पण की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही विभाग की टीम ने उसे धर दबोचा. दरअसल कुछ समय पहले हरिद्वार में सांपों के अवैध वेनम सेंटर का भंडाफोड़ हुआ था, जहां बड़ी मात्रा में सांपों का जहर रखा गया था. इस सेंटर में सांपों से जहर निकालकर उसे बेचने का नेटवर्क चलाया जा रहा था.
शुरुआती जांच में सामने आया था कि यह सेंटर बिना किसी अनुमति के संचालित हो रहा था. वन विभाग ने छापेमारी के दौरान कई बोतलों में भरा जहर, उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज़ बरामद किए थे. इस कार्रवाई के बाद से ही सेंटर का संचालक नितिन फरार चल रहा था. उसकी तलाश में वन विभाग की कई टीमें हरिद्वार और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही थीं.
अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद विभाग को उम्मीद है कि इस अवैध कारोबार के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा. नितिन से पूछताछ में यह भी पता लगाया जाएगा कि जहर की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी और क्या इसमें किसी विदेशी नेटवर्क का भी हाथ था.
फिलहाल वन विभाग ने बरामद किए गए जहर को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया है. करीब 35 दिन बाद पकड़े गए मुख्य आरोपी नितिन से पूछताछ के बाद हरिद्वार के इस चर्चित वेनम सेंटर केस के तमाम रहस्य धीरे-धीरे खुलने की उम्मीद जताई जा रही है.
फिलहाल नितिन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. वही वन विभाग बरामद जहर को सीजेएम कोर्ट की अनुमति से WWI भेजने की तैयारी कर रहा है. डीएफओ हरिद्वार स्वप्निल ने बताया कि जांच अधिकारी को यदि जरूरत महसूस होगी तो मुख्य आरोपित को कस्टडी में लेने का प्रयास किया जाएगा और उससे पूछताछ की जाएगी.
