उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अपने चरम पर है. भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ बाबा केदार के दर पर यानी केदारनाथ धाम में देखने को मिल रही है. हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केदारनाथ धाम के 19 किमी लंबे पैदल मार्ग पर जाम पर लग गया है. केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर लगे जाम के कई वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे है.
केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर जिस तरह के हालात बने हुए है, उससे यात्रा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. वहीं तुंगनाथ धाम में यात्रियों के बीच मारपीट के वीडियो सामने आने से भी व्यवस्थाओं पर चर्चा तेज हो गई है.
जानकारी के अनुसार केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर भीमबली, लिनचोली, जंगलचट्टी सहित कई संवेदनशील स्थानों पर मार्ग अत्यंत संकरा होने के कारण यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. एक ओर हजारों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर घोड़ा-खच्चर, पालकी व स्थानीय सेवा प्रदाताओं की आवाजाही से कई स्थानों पर भीड़ का दबाव बढ़ रहा है, जिसका असर ये हो रहा है कि श्रद्धालुओं को घंटों तक जाम में फंसकर आगे बढ़ने का इंतजार करना पड़ रहा है.
यात्रियों का कहना है कि मार्ग के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्थाएं अपेक्षित स्तर की नहीं हैं. पहाड़ी कटाव वाले क्षेत्रों और गहरी खाइयों के समीप पर्याप्त बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा प्रबंधों का अभाव दिखाई देता है. लगातार बढ़ रही भीड़ के बीच संकरे रास्तों पर किसी भी प्रकार की आपात स्थिति गंभीर रूप ले सकती है.
श्रद्धालुओं द्वारा यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि भीड़ नियंत्रण और यात्री प्रबंधन के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं दिखाई दे रही है. कई यात्रियों ने लंबे इंतजार, थकान, ऑक्सीजन की कमी व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायतें भी सामने रखी हैं.
चारधाम यात्रा के चरम सीजन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं. ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते भीड़ प्रबंधन, मार्ग सुरक्षा, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और निगरानी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए, मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए तथा पैदल मार्ग पर प्रभावी भीड़ नियंत्रण तंत्र लागू कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
फिलहाल केदारनाथ पैदल मार्ग पर बढ़ती भीड़, लगते जाम और सामने आ रही अव्यवस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं. अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कदमों और यात्रा प्रबंधन को बेहतर बनाने के प्रयासों पर टिकी हैं.
