उपनल कर्मचारियों को समान काम का समान वेतन पाने के लिए अब परीक्षा नहीं देनी होगी। इस मामले में जल संस्थान मैनेजमेंट ने एक महीने के भीतर विभागीय परीक्षा कराने के अपने आदेश को निरस्त कर दिया है। जल संस्थान प्रबंधन ने उपनल कर्मचारियों को समान काम का समान वेतन देने के आदेश किए थे। इसी आदेश में जोड़ा गया कि डाटा एंट्री ऑपरेटर को कम्प्यूटर टाइपिंग और स्टेनो को शॉर्टहैंड की परीक्षा देनी होगी। आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने पांच अगस्त के अंक में इस विषय को प्रमुखता से प्रकाशित किया। मामले को लेकर कर्मचारियों में पहले से ही इस पर नाराजगी थी। खबर छपने के बाद कर्मचारियों के विरोध के चलते आदेश निरस्त कर दिया गया। सीजीएम डीके सिंह ने आदेश को निरस्त करने की पुष्टि की है।
कुछ दिन पहले जल संस्थान प्रबंधन ने उपनल कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने का आदेश जारी किया था। हालांकि उसी आदेश में यह भी जोड़ा गया था कि संबंधित पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को एक महीने के भीतर विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।इस आदेश के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए कंप्यूटर टाइपिंग और स्टेनो कर्मचारियों के लिए शॉर्टहैंड परीक्षा देना अनिवार्य किया गया था। आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने इस शर्त का विरोध शुरू कर दिया।
नए निर्णय के बाद जल संस्थान में कार्यरत उपनल कर्मचारियों के लिए समान वेतन का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में सरल हो गई है। परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त होने से कर्मचारियों में संतोष का माहौल है और लंबे समय से चल रहा विवाद भी फिलहाल समाप्त होता दिखाई दे रहा है। जल संस्थान के इस फैसले को उपनल कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब कर्मचारियों की निगाहें समान वेतन संबंधी आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर टिकी हैं, ताकि उन्हें बिना किसी अतिरिक्त शर्त के न्यायसंगत वेतन का लाभ मिल सके।
