22 अगस्त की रात चमोली जिले के थराली में आई आपदा के बाद रेस्क्यू का आज सोमवार को तीसरा दिन है. रेस्क्यू में लगी टीमें अभी भी एक लापता शख्स को नहीं ढूंढ सकी हैं. मलबे से तहस नहस हुए इलाके का ड्रोन वीडियो सामने आया है.ड्रोन वीडियो में थराली में अचानक आई बाढ़ के बाद हुई बर्बादी के दृश्य विचलित करने वाले हैं. इन दृश्यों में एक ओर जहां रेस्क्यू ऑपरेशन देखा जा सकता है, तो वहीं लोगों को बाढ़ में बर्बाद हुआ अपना सामान ढूंढते हुए देखा जा सकता है.
एसडीएम पंकज भट्ट ने बताया कि चेपडों गांव में रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं. यह गांव आपदा से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है. उप जिलाधिकारी भट्ट ने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ स्थानीय अधिकारियों के सभी विभाग राहत, बचाव और खोज कार्यों के लिए यहां मौजूद हैं.
इधर चमोली पुलिस ने जानकारी दी है कि थराली क्षेत्र में आपदा प्रभावित स्थानों पर पुलिस, प्रशासन व आपदा प्रबंधन टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं. गुमशुदा व्यक्ति की तलाश हेतु आर्मी डॉग स्क्वायड द्वारा चिन्हित स्थान पर JCB से खोदाई की जा रही है.
थराली के आपदा पीड़ितों के लिए राहत शिविर लगाए गए हैं. यहां उनके रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है. डीएम चमोली ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि- पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के साथ आपदा राहत शिविर में तैयार किये गए भोजन को खाया और पाया गया भोजन शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण है.
गौरतलब है कि 22 अगस्त की रात चमोली जिले के थराली तहसील इलाके में भारी आपदा आई थी. भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड से इलाके में भारी नुकसान हुआ था. थराली के कोटड़ीप, राड़ीबगड़, अपर बजार, कुलसारी, चेपडो, सगवाड़ा समेत अन्य हिस्सों में अतिवृष्टि से काफी नुकसान हुआ.
इस आपदा में सगवाड़ा गांव में युवती की जान चली गई. एक व्यक्ति आपदा में लापता हो गया. हालात इतने विकट हुए कि बाजार क्षेत्र में दुकानों के अंदर मलबा घुस गया. बड़ी संख्या में मकानों-दुकानों को मलबे से नुकसान पहुंचा. चेपडों में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली
