उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को एजुकेशन का हब माना जाता है. यही वजह है कि बाहरी राज्यों से भी हजारों की तादाद में पढ़ाई करने के लिए दून आते हैं, लेकिन प्रेमनगर क्षेत्र में कुछ छात्र पढ़ाई करने की बजाय मारपीट और लड़ाई झगड़े कर रहे हैं. जिससे एजुकेशन हब अब छात्रों का अखाड़ा बनता जा रहा है.
यहां हॉस्टलों में रहने वाले इन बिगड़ैल छात्रों का किताबों से कम और तमंचे से रिश्ता ज्यादा हो गया है. बात-बात पर फायरिंग की घटनाएं इस क्षेत्र में आम हो गई है. कभी गर्लफ्रेंड पर विवाद तो कभी कैंटीन के झगड़े में रात को फायरिंग हो रही है.
ऐसा ही एक ताजा मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र से सामने से या है. जहां एक निजी पीजी यानी ब्वॉयज हॉस्टल के बाहर रविवार यानी 24 अगस्त की सुबह कुछ छात्रों ने तीन राउंड फायरिंग कर दी. इस दौरान पीजी में मौजूद करीब 20 छात्र बाल-बाल बचे.
वहीं, फायरिंग की शिकायत मिलने के बाद प्रेमनगर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. इस फायरिंग मामले में कुछ छात्रों के हाथ होने के मामले सामने आए. जिस पर पुलिस ने पूरी सरगर्मी से उनकी तलाश शुरू की. इसी कड़ी में पुलिस ने एक छात्र को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि, दूसरे छात्र की तलाश जारी है.
चौथी घटना बीती रोज यानी 24 अगस्त 2025 को हुई. जहां प्रेमनगर थाना क्षेत्र में ही नंदा की चौकी के पास स्थित एक ब्वॉयज हॉस्टल बाहर फायरिंग की घटना हो गई. फायरिंग की सूचना पर पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे.
इस मामले में पीजी संचालक साहिल ग्रेवाल निवासी कमालपुर (सहारनपुर) की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया. साथ ही साहिल से भी पूछताछ की. जिससे जानकारी मिली कि इस हॉस्टल में वाराणसी का एक छात्र रहता है, जो घटना के समय हॉस्टल में मौजूद नहीं था.
उस छात्र का यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था. वहीं, सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर 2 लोग दूर फायर कर भागते दिखाई दिए. घटना के संबंध में प्रेमनगर थाना पुलिस ने हॉस्टल संचालक साहिल ग्रेवाल की प्रार्थना पत्र पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट एवं बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया.
वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए. जिस पर प्रेमनगर थाने में 4 अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई. पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और यूनिवर्सिटी में पड़ने वाले अन्य छात्रों से गहनता से पूछताछ की.
पूछताछ के दौरान घटना में शामिल 2 छात्रों की जानकारी पुलिस टीम को मिली. जिसके बाद पुलिस की टीम ने दोनों छात्रों के घरों पर दबिश दी, लेकिन घटना के बाद से ही दोनों अपने घर से फरार चल रहे थे. दोनों का मोबाइल फोन भी बंद था.
