प्राथमिक शिक्षा विभाग के तहत जर्जर हो चुके एक दर्जन से अधिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का पुनर्निर्माण किया जाएगा. इन विद्यालयों के भवनों के निर्माण एवं मरम्मत के लिए राज्य सरकार ने 568.85 लाख रुपए की मंजूरी दे दी है. स्कूलों के भवनों का निर्माण और मरम्मत के लिए विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है. ऐसे में जल्द ही निर्माण कार्यों के लिए शासन स्तर से आदेश जारी हो जाएंगे. इसके बाद स्कूलों के भवनों का निर्माण और मरम्मत के काम शुरू हो जाएंगे.
दरअसल, राज्य सरकार ने प्रदेश के तमाम जिलों रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून और चमोली जिले में मौजूद जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हो चुके 16 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए 568.85 लाख रुपए की धनराशि को मंजूरी मिली है. जिसमें रुद्रप्रयाग जिले के तहत राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसोली, सल्या में विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिए 32-32 लाख रुपए को मंजूरी मिली है. जबकि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, पौड़ीखाल के पुनर्निर्माण के लिए 40.30 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है.
इसी तरह, पिथौरागढ़ जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, लास्पासांई में भवन पुनर्निमाण के लिए 39 लाख रुपए, गैला में क्लास रुम और प्राधानाध्यापक कक्ष के निर्माण के लिए 20.47 लाख रुपए जबकि मल्ला वल्थी के लिए 20.30 लाख की धनराशि मंजूर की गई है. टिहरी जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन के लिए 34.86 लाख रुपए, सौन्दकोटी मल्ली 37.36 लाख रुपए, मंजूरीडागर 39.94 लाख रुपए और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा के पुनर्निर्माण के लिए 29.59 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है.
इसके साथ ही, चमोली जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सुभाषनगर के भवन पुनर्निर्माण को 77.11 लाख जबकि देहरादून जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर के भवन पुनर्निर्माण को 33.05 लाख रुपए और प्राथमिक विद्यालय बापूनगर जाखन के पुनर्निर्माण को 36.87 लाख रुपए की धनराशि को मंजूरी मिली है. इन विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग के साथ ही पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है.
विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि, राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए तमाम स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, अवसंरचनात्मक कामों से लेकर शिक्षकों की तैनाती कर उन्हें सुविधा संपन्न बनाया जा रहा है, ताकि प्राथमिक स्तर पर प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा मुहैया हो सके. साथ ही कहा कि, इन सभी प्राथमिक विद्यालयों में मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं.
