जनपद के दूरस्थ मोरी विकासखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति फिर एक बार सामने आई है. जब एक बुजुर्ग व्यक्ति जंगल में भेड़ बकरियां चराते समय जंगल में गिर कर घायल हो गया, घायल व्यक्ति को एंबुलेंस न मिलने से दो घंटे इंतजार के बाद ग्रामीण उसे निजी वाहन से डेरिका तक लाए. बाद में पुरोला से 108 एंबुलेंस उसे हायर सेंटर देहरादून ले जाया गया.
गौर हो कि बीते दिन जब भेड़-बकरियां चराने गए एक बुजुर्ग व्यक्ति जंगल में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिल पाई. जानकारी के अनुसार बड़ासु पट्टी के दूरस्थ गांव ढाटमीर निवासी केदार सिंह भेड़-बकरियां चराने के दौरान गांव के पास जंगल में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए. ग्रामीणों और परिजनों ने किसी तरह निजी वाहन से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी पहुंचाया. वहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया.
मामला तब और गंभीर हो गया जब घायल को देहरादून ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई. 108 एंबुलेंस की जर्जर हालत के कारण चालक ने जोखिम उठाने से इनकार कर दिया, करीब दो घंटे तक इंतजार करने के बाद परिजन घायल को निजी वाहन से पुरोला डेरिका तक लेकर आए, वहां से पुरोला की 108 एंबुलेंस ने उन्हें देहरादून के लिए रवाना किया.
पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राजपाल रावत और पूर्व प्रधान ठाकुर सिंह रावत का कहना है कि मोरी, अडोर और बड़ासु पट्टियों जैसे बड़े क्षेत्र के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी में केवल एक ही एंबुलेंस उपलब्ध है. क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह एंबुलेंस भी समय पर नहीं मिल पाती. उनका कहना है कि 108 एंबुलेंस भी लंबे समय से जर्जर हालत में है.
