देहरादून। नगर निगम देहरादून द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर की नदियों और नालों की सफाई एवं पुनर्जीवन के उद्देश्य से “100 Days One Mission – Reviving Our Rivers” नामक 100 दिवसीय विशेष अभियान का रविवार को शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्घाटन महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामी बंसल ने किया।
अभियान के प्रथम चरण में सत्तोवाली घाटी, भंडारी बाग और देहराखास क्षेत्र स्थित रिस्पना नदी में सफाई कार्य शुरू किया गया। इन क्षेत्रों में नदी और प्रमुख नालों में जमा कचरे को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। सफाई के दौरान नगर ठोस अपशिष्ट (MSW) और प्लास्टिक कचरे को निकालकर उसका समुचित निस्तारण किया जा रहा है, जिससे नदियों का प्राकृतिक प्रवाह बना रहे और प्रदूषण को कम किया जा सके।
नगर आयुक्त नमामी बंसल ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी मानसून से पहले सभी नदियों और नालों की सफाई कराई जाएगी, जिसके लिए 100 दिन की समयावधि निर्धारित की गई है। इस अभियान में शहर की लगभग सभी बड़ी और मध्यम नदियों व नालों को शामिल किया गया है।
इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नगर निगम परिसर में महापौर और नगर आयुक्त ने नगर निगम की मुख्य सफाई निरीक्षक और महिला सफाई कर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्य तथा शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया।
महापौर सौरभ थपलियाल ने महिला कर्मचारियों को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नगर निगम की महिला कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त प्रवीण कुमार (आईएएस), उप नगर आयुक्त तनवीर मरवाह, सहायक नगर आयुक्त राजबीर सिंह चौहान, वार्ड पार्षद मीनाक्षी मौर्या और रजनी देवी, सीएसआई/एसआई, सुपरवाइजर सहित नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। साथ ही Waste Warriors NGO के प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन सदाना और उनकी टीम भी कार्यक्रम में शामिल हुई।
नगर निगम प्रशासन ने बताया कि इस अभियान के तहत अगले 100 दिनों तक शहर के विभिन्न नालों और नदी तटों पर नियमित सफाई, कचरा निष्कासन और जनजागरूकता गतिविधियां चलाई जाएंगी, ताकि नदियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदियों, नालों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा, प्लास्टिक या निर्माण मलबा न डालें और शहर की जलधाराओं को स्वच्छ बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन का कहना है कि जनभागीदारी से ही स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर देहरादून का निर्माण संभव है
