सहसपुर क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसक घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने दंगा एवं उपद्रव जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए नौ अत्याधुनिक दंगा नियंत्रण वाहन खरीदे हैं। इनमें से सात छोटे, जबकि दो बड़े वाहन शामिल हैं।
सहसपुर में हुई हिंसक घटना के समय पुलिस को ऊधमसिंह नगर से दंगा नियंत्रण वाहन मंगवाना पड़ा। तब उत्तराखंड पुलिस के पास सिर्फ यही एक वाहन था। अब इनकी संख्या 10 हो गई है।
इन विशेष वाहनों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। ताकि किसी भी हिंसक प्रदर्शन, पथराव या दंगा जैसी स्थिति में पुलिस बल सुरक्षित रहते हुए प्रभावी कार्रवाई कर सके। वाहनों में वाटर कैनन, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, सुरक्षा कवच और अन्य आवश्यक उपकरण लगाए गए हैं। इससे भीड़ को नियंत्रित करने में आसानी होगी।
पुलिस विभाग के अनुसार प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं ने पुलिस के सामने नई चुनौतियां खड़ी की हैं। विशेष रूप से सहसपुर की घटना के बाद दंगा नियंत्रण संसाधनों को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की गई। इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने आधुनिक दंगा नियंत्रण वाहन खरीदने का निर्णय लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार वाहनों को उन जिलों में तैनात किया जाएगा, जहां संवेदनशीलता अधिक है या बड़े धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक आयोजन नियमित रूप से होते हैं।
देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जैसे जिलों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। आवश्यकता पड़ने पर इन वाहनों को अन्य जिलों में भी तत्काल भेजा जा सकेगा। बदलते समय में भीड़ नियंत्रण के लिए केवल पुलिस बल पर्याप्त नहीं है। आधुनिक उपकरणों और संसाधनों से लैस होना भी उतना ही जरूरी है।
