उत्तराखंड में जारी मॉनसून के बीच देहरादून जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ चुका है. सोमवार रात से लगातार हो रही भारी बारिश के बाद जिलाधिकारी आशीष चौहान ने मंगलवार को खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर बारिश प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने नंदा चौकी पुल, सौड़ा-सरौली मार्ग, मालदेवता, बल्दी नदी, आईटी पार्क-सहस्त्रधारा रोड और मसूरी रोड स्थित पानीवाला बैंड के लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया. डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी प्रभावित मार्गों को जल्द से जल्द यातायात के लिए सुचारू कराया जाए.
मसूरी रोड स्थित पानीवाला बैंड के नए लैंडस्लाइड जोन का निरीक्षण करते हुए डीएम डॉ. आशीष चौहान ने लोक निर्माण विभाग को 15 दिनों के भीतर सड़क की दो लेन यातायात के लिए पूरी तरह बहाल करने के निर्देश दिए. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि, 10 से 15 दिनों में दो लेन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जबकि सुरक्षा के लिए पुश्ता निर्माण का कार्य लगभग दो महीने में पूरा होने की संभावना है.
सौड़ा-सरौली मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने सड़क को प्राथमिकता के आधार पर खोलने के निर्देश दिए. वहीं मलबा आने से बंद थानों मार्ग को भी प्रशासन ने दोबारा यातायात के लिए खोल दिया. मालदेवता क्षेत्र में हर साल बरसात के दौरान रपटे पर यातायात बाधित होने की समस्या को देखते हुए डीएम ने लोक निर्माण विभाग को पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए.
बता दें कि इससे पहले बारिश के कारण नंदा चौकी पुल की एप्रोच लेन क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने पर डीएम तत्काल मौके पर पहुंचे. उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तीन घंटे के भीतर मरम्मत कार्य शुरू कर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए. साथ ही लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए. जिला प्रशासन के अनुसार पीडब्ल्यूडी ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया.
