हरिद्वार जिले की झबरेड़ा विधानसभा से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति का बिजली कटौती को लेकर गुस्सा देखने को मिला है. दरअसल, ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती से नाराज विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों के परिसरों की बिजली लाइन खुद ही खंभे पर चढ़कर काट दी. इस दौरान विधायक लाइनमैन के रूप में पीछे प्लास लगाए नजर आए.
करीब 15 दिन पूर्व विद्युत विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अमित कुमार से मिलकर झबरेड़ा से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति ने देहात क्षेत्रों में हो रही विद्युत कटौती को रोके जाने की मांग की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि सुबह और शाम बिजली काटे जाने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और वह अपने जरूरी कार्य को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. बच्चों के साथ ही बुजुर्गों को भी काफी परेशानी हो रही है. क्षेत्र की जनता कई बार उनसे इस समस्या को हल करने की मांग कर चुकी है.
अधीक्षण अभियंता को उनके द्वारा चेतावनी दी गई थी कि अगर एक हफ्ते के अंदर इस व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वह अपने हाथों से बिजली अधिकारियों के आवासों की बिजली काटेंगे. हालांकि, इसके बाद अधीक्षण अभियंता का तबादला भी हो चुका है. लेकिन तय समय सीमा पूरी होने के बावजूद भी बिजली आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ. समय सीमा समाप्त होने के बाद 23 दिसंबर मंगलवार के दिन विधायक वीरेंद्र जाति रुड़की में अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और अन्य अधिकारियों के आवास पर पहुंचे और उन्होंने वहां की बिजली काट दी.
उन्होंने कहा कि जो परेशानी जनता झेल रही है, वही अधिकारी झेलेंगे, तो शायद व्यवस्था सुधरेगी. उन्होंने कहा जनता के हक की बिजली किसी की मर्जी पर नहीं चलेगी. विधायक वीरेंद्र जाति ने विरोध के रूप में यह कदम उठाया है. हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो जेई, एसडीओ समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की बिजली लाइन भी काटी जाएगी.
