उत्तराखंड में हरिद्वार डिवीजन हाथियों की मौत का एपिक सेंटर बनता जा रहा है. स्थिति यह है कि पिछले 6 दिनों में तीसरे हाथी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई है. वहीं पहले ही ये डिवीजन अवैध वेनम सेंटर को लेकर चर्चाओं में है. हैरत की बात ये है कि हरिद्वार में यह बवाल पिछले कुछ समय से ही शुरू हुआ है जो अब थमने का नाम नहीं ले रहा है.
हरिद्वार डिवीजन यूं तो अक्सर हाथियों की चहल कदमी के लिए जाना जाता रहा है. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि यह डिवीजन हाथियों की मौत का भी एपिक सेंटर बन गया है. स्थिति यह है कि पिछले 6 दिनों में तीसरे हाथी की संदिग्ध परिस्थितियों में डेड बॉडी वन विभाग को मिली है. लगातार हाथियों की हो रही मौत के कारण वन विभाग में भी हड़कंप को मचा हुआ है.
हरिद्वार डिवीजन में हाथियों की मौत के मामलों को देखें तो पहली मौत 26 सितंबर को खानपुर रेंज से सामने आई थी. यहां अमरूद के बगीचे में एक नर हाथी का शव मिला था. इस हाथी की उम्र 30 से 35 साल बताई जा रही है. हालांकि, वन विभाग इसकी मौत के पीछे की वजह नहीं बता पाया है. हाथी के पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट भी अभी तक प्राप्त नहीं हो पाई है. हालांकि, स्थानीय लोग करंट लगने से मौत की बात कह रहे हैं.
