उत्तराखंड में लगातार बदल रहे मौसम के मिजाज ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है. पहले बारिश का होना, फिर चटक धूप निकलने से लोग वायरल फ्लू समेत अन्य बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. कोरोना संक्रमण की तरह ही यह वायरस फ्लू भी तेजी से लोगों में फैल रही है. जिसके चलते लोग बुखार, सर्दी, खांसी जुकाम से परेशान हैं.
आलम ये है कि अस्पतालों में इस इस वायरल फ्लू की चपेट में आए मरीजों की तादाद बढ़ती ही जा रही है. ऐसे में इस वायरल बीमारी से बचने के क्या उपाय हैं? कैसे बदलते मौसम के बीच अपना ख्याल रखना है, उसकी जानकारी से आपको रूबरू करवाते हैं. इसके साथ ही डॉक्टरों की सलाह और राय भी जानते हैं.
मानसून की विदाई के बाद भी उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विज्ञान केंद्र ने 5 से 7 अक्टूबर तक तमाम हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. पिछले कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद तापमान में कमी देखी गई तो वहीं अब चटक धूप खिलने की वजह से तापमान में इजाफा हुआ है. ऐसे में लगातार बदल रहे मौसम का असर अब लोगों पर पड़ता दिखाई दे रहा है.
लोग मौसमी बीमारियों से जूझने के साथ ही इन दिनों वायरल बीमारी लोगों को काफी ज्यादा परेशान कर रही है. क्योंकि, मौसमी बीमारी के अलावा वायरल फ्लू लोगों को काफी प्रभावित कर रही है. जो अब तेजी से फैल रही है, जिसके चलते अस्पतालों में मरीजों की तादाद भी तेजी से बढ़ती जा रही है.
तेजी से फैल रहे यह वायरल बीमारी बच्चों से लेकर युवा, अधेड़ और बुजुर्गों को अपनी चपेट में ले रहा है. आलम ये है कि इस वायरल बीमारी की वजह से लोगों में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी जुकाम और सर्दी की समस्याएं हो रही हैं. इतना ही नहीं ये वायरल फ्लू ठीक होने में लगभग एक हफ्ते का समय ले रहा है.
इसके अलावा ये वायरल फ्लू कोरोना संक्रमण की तरह ही तेजी से एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा है. जिसके चलते डॉक्टर लोगों को तमाम सावधानियां बरतने की बात कह रहे हैं. साथ ही इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी जुकाम और सर्दी जैसी समस्याएं होने पर खुद से कोई दवा ना लें. बल्कि, डॉक्टर से परामर्श के बाद ही दवाइयों का सेवन करें.
