उत्तराखंड सचिवालय में चुनाव की राजनीति शुरू हो गई है. सचिवालय संघ के रूप में नई कार्यकारिणी गठित करने की मांग के साथ सचिव सचिवालय प्रशासन को ज्ञापन भी सौंप दिया गया है. दरअसल, मांग हो रही है कि सचिवालय संघ का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब जल्द चुनाव संपन्न करा लिए जाए. जबकि सचिवालय संघ की मौजूदा कार्यकारिणी अभी जल्द ही चुनाव कराने के मूड में नहीं दिख रही है.
उत्तराखंड सचिवालय में संघ के चुनाव पर अब राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई है. संघ में कई सालों तक अध्यक्ष रहने वाले दीपक जोशी ने सचिव सचिवालय प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर सचिवालय संघ के चुनाव कराने की मांग की है. वह बात अलग है कि सचिवालय संघ की मौजूदा कार्यकारिणी फिलहाल चुनाव कराने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है.

सचिवालय प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में यह बताया गया है कि मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल जुलाई में संपन्न हो गया है. बावजूद इसके दो महीने बाद तक भी चुनाव के लिए कोई कार्यक्रम या प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है. ऐसे में सचिवालय प्रशासन इसमें मौजूदा कार्यकारिणी को पत्र लिखकर चुनाव कार्यक्रम को घोषित करने की तरफ अपने प्रयास शुरू करें.
माना जा रहा है कि फिलहाल सचिवालय संघ के चुनाव नहीं होने जा रहे हैं. ऐसा इसलिए भी कहा जा सकता है, क्योंकि चुनाव को लेकर किसी भी तरह की कोई प्रक्रिया अभी शुरू नहीं की गई है. वैसे देखा जाए तो जुलाई में सचिवालय संघ की कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म हो चुका है. वहीं शपथ ग्रहण के लिहाज से देखे तो सितंबर में कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म हुआ है.
इस मामले में सचिवालय संघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक जोशी कहते हैं कि उन्होंने चुनाव कराने से जुड़ा ज्ञापन सचिवालय प्रशासन के सचिव को सौंप दिया है और उन्हें उम्मीद है कि अब उस स्तर पर भी प्रयास किए जाएंगे. इसके बाद मौजूदा कार्यकारिणी चुनाव कराने के लिए कदम आगे बढ़ाएगी.
पूरे प्रदेश के लिए नीतियों को तैयार करने वाले सचिवालय में संघ की राजनीति आने वाले दिनों में बढ़ने के आसार है. ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ मौजूदा कार्यकारिणी नए चुनाव के लिए तैयार नहीं दिख रही है तो दूसरी तरफ सचिवालय से ही चुनाव कराने के लिए अब चिट्ठी पत्री शुरू कर दी गई है. हालांकि मौजूदा कार्यकारिणी में महामंत्री राकेश जोशी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव को लेकर संघ नियमों के अनुसार ही चुनाव कराने के लिए फैसला करेगा. इस पर आपसी बातचीत के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा.
