नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र अंतर्गत डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन वाहनों में ड्राइवर और हेल्पर का काम करने वाले कर्मचारियों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है. निर्धारित से कम तनख्वाह देने और पीएफ जमा नहीं करने जैसे आरोप ठेकेदार पर लगाए हैं. इस मामले को लेकर ड्राइवर और हेल्परों ने नगर निगम ऋषिकेश कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए ठेकेदार पर मनमानी का आरोप लगाया है.
इतना ही नहीं कर्मचारियों ने ठेकेदार पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है. कर्मचारियों ने व्यवस्था नहीं सुधरने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है. दरअसल, शहर में घर-घर से कचरा एकत्रित करने के लिए नगर निगम ऋषिकेश में डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन वाहन लगाए हुए हैं. इन वाहनों में ड्राइवर और हेल्पर की नौकरी करने वाले कर्मचारी, ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर नाराज हैं.
कर्मचारियों ने आज बुधवार 15 अक्टूबर नगर निगम ऋषिकेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए अपनी पीड़ा को रखा. कर्मचारी कल्याण सिंह नेगी ने बताया कि करीब 80 से अधिक कर्मचारी ठेकेदार की मनमानी से परेशान हैं.
उनका कहना है कि आठ साल से उन लोगों तनख्वाह नहीं बढ़ रही है और पीएफ का पैसा भी जमा नहीं हो रहा है. उन्होंने ठेकेदार के मैनेजर पर बदसलूकी का भी आरोप लगाया है. हालांकि जब वो मैनेजर के इस रवैये का विरोध करते हुए वो उन्हें धमकी भी देता है. ऐसी स्थिति में उनके सामने घर चलना मुश्किल हो गया है. मजबूरी में उन्होंने अपनी पीड़ा को उजागर करने के लिए नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया है.
कर्मचारी कल्याण सिंह नेगी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार की तरफ से भी उन्हें धमकी मिली है कि जो लोग आंदोलन करते हैं, उनको काटकर मगरमच्छ वाले तालाब में फेंक देते हैं. वहीं कर्मचारियों के आरोप पर कंपनी के मैनेजर ओशो दीप सिंह का भी बयान आया है.
