नैनीताल के लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय में टेंडर डालने को लेकर जमकर अराजकता और मारपीट हुई. जिससे पूरे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई. इस घटना के बाद जहां विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर करीब 7 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार, लोक निर्माण विभाग कार्यालय में सड़क निर्माण कार्य से जुड़े टेंडर डालने की प्रक्रिया चल रही थी. इसी दौरान कुछ लोगों ने वहां पहुंचे ठेकेदारों को टेंडर डालने से जबरन रोक दिया. विरोध के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ ठेकेदारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई. इतना ही नहीं, विभागीय कर्मचारियों के साथ भी हाथापाई की गई.
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाल सुशील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने मौके से करीब 9 लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचाया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है.
हंगामे के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संजय चौहान अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कोतवाली पहुंचे और उन्होंने कोतवाल को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान इस तरह की गुंडागर्दी और कर्मचारियों के साथ मारपीट बेहद गंभीर और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला मामला है.
कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि पीड़ित ठेकेदारों और विभागीय कर्मचारियों से तहरीर लेकर विधिक कार्रवाई की गई है. साथ ही पीडब्ल्यूडी कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को लेकर संबंधित विभाग को पत्राचार भी किया जाएगा. फिलहाल, पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है. इस मामले में पुलिस ने दबंगों द्वारा उपयोग किए गए वाहन को सीज कर दिया है. साथ ही व्यक्ति के पास से लाइसेंसी रिवाल्वर बरामद की गई है. रिवाल्वर के दुरुपयोग की आशंका के कारण हथियार जब्त कर लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
