अक्सर अपने कामों के कारण चर्चाओं में रहने वाला देहरादून नगर निगम एक बार फिर से सुर्खियों में है. हालांकि, इस बार मामला थोड़ा पेचीदा है. हुआ ये है कि देहरादून नगर निगम के वार्ड 41 में एक ऐसे सड़क की निर्माण हुआ, जो सिर्फ कागजों में ही बन पाई. हकीकत में सड़क का नामोनिशान तक नहीं है. इतना ही नहीं, कागजों पर बनी सड़क का ठेकेदार को पेमेंट भी कर दिया गया. हालांकि, अब मामला सामने आने के बाद निगम के अधिकारी जांच और फिर कार्रवाई की बात कह रहे हैं.
दरअसल, देहरादून नगर निगम के वार्ड 41 इंद्रपुरम के साईं लोक कॉलोनी के राज एंक्लेव में पिछले बोर्ड के कार्यकाल में एक सड़क नए सिरे से बनाई जानी थी. लेकिन यह महज कागजों में ही बनी. हैरानी की बात ये है कि मौके पर सड़क निर्माण का बोर्ड भी लगा दिया गया और यह बोर्ड पूर्व पार्षद आशा भाटी व पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा के नाम से है. इतना ही नहीं, कागजों में बनी सड़क का नगर निगम प्रबंधन ने भुगतान भी करवा दिया.
वार्ड 41 के राज एन्क्लेव साईं लोक कालोनी में दो सड़कें 125 मीटर और 175 मीटर सड़क का निर्माण होना था. नगर निगम को शिकायत मिली कि जो सड़क 125 मीटर बननी थी, वह 140 मीटर बनी है. 175 मीटर प्रस्तावित रोड अब तक नहीं बनी, जबकि इसे पिछले निकाय चुनाव से पूर्व बनाया जाना था.
हैरानी की बात तो यह है कि मौके पर सीसी सड़क के निर्माण का बोर्ड भी लगा दिया गया. इसमें निर्माण की तारीख 2024-2025 दर्शायी गई है, जिसमें सड़क और नाली निर्माण का कार्य पूरा होने का जिक्र किया गया है. कागजों पर काम पूरा दर्शाकर दो सड़कें बनाने के लिए करीब 20 लाख रुपए का भुगतान भी हो गया.इस पूरे मामले की परतें तब खुली, जब नए पार्षद और निगम के लोक निर्माण अनुभाग से क्षेत्रवासियों ने सड़क नहीं बनने को लेकर जवाब मांगा. इतना ही नहीं, कागजों में सड़क जनवरी 2025 में बनाने का काम था, लेकिन ठेकदार ने कागजों में नवंबर 2024 की बैक डेट दिखाई.
राज कॉलोनी के कॉलोनीवासी रमेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि 175 मीटर की सड़क में पूरी तरह से घोटाला है. चुनाव में आचार संहिता के दौरान सड़क का पेमेंट ले लिया और सड़क अधूरी बनाई गई. वार्ड 41 की पूर्व पार्षद आशा भाटी को शायद अनुमान था कि वो जीत कर वापस पार्षद बनेंगी इसलिए चुनाव के दौरान सड़क बनानी शुरू कर दी गई थी. सड़क बनाने में करीब 20 लाख का पेमेंट ठेकेदार को जारी हो चुके हैं. ऐसे ठेकदार का लाइसेंस रद्द होना चाहिए.
रमेश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया है जिस ठेकदार को पेमेंट की गई है, वह ठेकेदार पूर्व पार्षद आशा भाटी का बेटा है. इसलिए आनन फानन में पेमेंट की कार्रवाई की गई है.
अन्य कॉलोनी निवासी एसबी त्यागी का कहना है कि कॉलोनी वासियों ने इस मामले की विधायक से शिकायत की थी. इसके अलावा सभी ने नगर निगम में पहुंचकर नगर आयुक्त से भी मुलाकात कर लिखित शिकायत दी है. कॉलोनी में जो घोटाला हुआ है, उसकी कार्रवाई तो करें ही साथ में तुरंत राहत दी जाए.
