घर में पल रहे पालतू कुत्ते का यदि किसी व्यक्ति ने परित्याग किया तो पकड़े जाने पर मालिक पर बीस हजार रुपये जुर्माना लगेगा। इसके अलावा मुकदमा भी दर्ज करवाया जा सकता है। नगर निगम की ओर से लागू की जा रही डॉग पॉलिसी में यह प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पंजीकरण करवाने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी की जवाबदेही तय की गई है। डॉग केयर सेंटर का पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। पेट शॉप के लिए लाइसेंस लेना होगा।
नगर आयुक्त नमामी बंसल ने बताया कि डॉग पॉलिसी को लेकर पीपल फॉर एनिमल, देवभूमि पेट वेलफेयर एसोसिएशन और व्यक्तिगत रूप से कुछ लोगों ने कुल 22 आपत्तियां और सुझाव दिए। इनका निस्तारण करते हुए निगम ने पॉलिसी में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि गजट नोटिफिकेशन के बाद पॉलिसी लागू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि फरवरी माह की शुरुआत तक प्रक्रिया लगभग पूरी हो जाएगी। मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामी बंसल ने सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से करवाने और डॉग पॉलिसी को लागू करने में निगम का सहयोग करने की बात कही।
उधर पशु प्रेमियों ने निगम के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि पालतू कुत्ते को छोड़ना गलत बात है। इस फैसले से कोई अब पालतू कुत्ते का परित्याग नहीं कर पाएगा
डॉग पॉलिसी में पहले पालतू कुत्ते को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के दौरान या घुमाने के दौरान मजल लगाना अनिवार्य किया गया था। लेकिन पशु प्रेमियों की आपत्ति दर्ज करने के बाद इस नियम में संशोधन करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि श्वान मालिक अपने साथ मजल जरूर रखें। आक्रामक होने की स्थिति में इसका इस्तेमाल करना होगा।
भविष्य में कुत्तों में माइक्रोचिप लगाने का भी प्रावधान किया गया है। पशु चिकित्सा अनुभाग के मुताबिक यदि भविष्य में माइक्रोचिप लगाई जाती है तो इससे ऑनलाइन मॉनीटरिंग करने में मदद मिलेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में आसानी होगी।
- पंजीकरण करवाने पर कुत्ते के लिए टोकन दिया जाएगा। भविष्य में माइक्रोचिप लगाने का भी प्रावधान किया गया है।
- रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी को अपने परिसर में समस्त पालतू कुत्तों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाना होगा।
- बिडर के लिए 300 गज का मानक लागू नहीं होगा। आवारा कुत्ते को गोद लेने पर पंजीकरण, वैक्सीनेशन निशुल्क ही होगा।
- लाइसेंस को रिन्यू करवाने के लिए तीस दिन का समय, इसके बाद 500 रुपये प्रतिमाह जुर्माना लगेगा।
- डॉग केयर सेंटर का पंजीकरण कराना भी पॉलिसी में किया गया अनिवार्य।
