रुद्रप्रयाग जनपद की संपूर्ण केदारघाटी और विश्वप्रसिद्ध बाबा केदारनाथ धाम में बीते 24 घंटों से लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऊंचाई वाले इलाकों में कई फीट तक बर्फ जम चुकी है, जिससे पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला गया है, वहीं बर्फबारी के कारण केदारनाथ धाम से जुड़े सभी पैदल मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। इस बीच दुर्गम परिस्थितियों और भीषण ठंड के बावजूद रुद्रप्रयाग पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाले हुए हैं।
लगातार हुई बर्फबारी के चलते केदारनाथ धाम और आसपास की पूरी केदार नगरी लगभग चार फीट मोटी बर्फ की सफेद चादर में ढक गई है। मंदिर प्रांगण में घुटनों तक बर्फ जम चुकी है, जिससे क्षेत्र में अत्यधिक ठंड और सन्नाटा पसरा हुआ है। चारों ओर फैली बर्फ की परतों ने केदारनाथ धाम को एक अलौकिक रूप दे दिया है। पहाड़ियां चांदी सी चमक रही हैं और पूरा धाम मानो हिमलोक में तब्दील हो गया है।
हालांकि यह दृश्य देखने में अत्यंत मनमोहक है, लेकिन इसके पीछे छिपी कठिनाइयां कम नहीं हैं। भारी बर्फबारी के कारण धाम तक पहुंचने वाले सभी पैदल रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे आवागमन ठप हो गया है। रास्तों पर जमी मोटी बर्फ और फिसलन ने किसी भी प्रकार की आवाजाही को असंभव बना दिया है।
बर्फबारी के साथ-साथ तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। केदारनाथ धाम और ऊपरी इलाकों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। तेज ठंडी हवाओं के चलते ठंड का असर और भी ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे हालात में खुले में रहना बेहद कठिन हो गया है। पानी की पाइपलाइनें जम गई हैं और रोजमर्रा की व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं।
जिला प्रशासन लगातार मौसम विभाग से मिल रही जानकारियों के आधार पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भारी बर्फबारी और ठंड को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं।
प्रशासन की ओर से यह भी अपील की गई है कि मौसम सामान्य होने तक कोई भी अनावश्यक आवाजाही न की जाए। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी फैसले लिए जा रहे हैं।
