उत्तराखंड में सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार की ओर से तमाम निर्णय लिए जा रहे हैं. इसी क्रम में सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने बुधवार को शासकीय आवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान प्रदेश में 643 बहुउद्देश्यीय पैक्स (PACS) समितियों का गठन, सहकारी क्षेत्र में अनाज भंडारण योजना, तीन नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों, एनसीईआरटी की गतिविधियों में राज्य की भागीदारी और फरवरी माह में गुजरात में प्रस्तावित सहकारिता सम्मेलन की तैयारियों को लेकर समीक्षा की गई.
बैठक के दौरान मंत्री धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुजरात में प्रस्तावित सहकारिता सम्मेलन के सभी कार्य बिंदुओं पर तय समय पर तैयारियां पूरी की जाएं. उन्होंने कहा सहकारिता क्षेत्र को पारदर्शी, सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जाए. बैठक के दौरान सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद ने बताया कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के चलते 643 पैक्स के गठन का प्रस्ताव है. जिसके सापेक्ष 621 पैक्स का गठन हो चुका है. निबंधक कार्यालय के निर्माण के लिए जल्द ही चिन्हित भूमि पर निर्माण काम शुरू किया जाएगा.
इसके अलावा, जिला सहकारी बैंकों में वर्ग- एक, वर्ग- दो और वर्ग- तीन के कुल 177 खाली पदों पर आईबीपीएस के जरिए भर्ती की जाएगी. यही नहीं, जल्द ही कैडर नियमावली में संशोधन करते हुए 350 प्रोफेशनल सचिवों की नियुक्ति की जाएगी. वहीं, सहकारी समिति अधिनियम-2003 और नियमावली-2004 में आवश्यक संशोधन कर सहकारी समितियों को और अधिक पारदर्शी एवं सशक्त बनाया जाएगा.
बैठक के दौरान निबंधक सहकारिता मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण और शासन स्तर पर सुधारात्मक कदमों से सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिल रही है. भंडारण योजना के तहत हरिद्वार जिले की चार पैक्स में 1000 मैट्रिक टन के गोदाम बनाने के लिए भूमि का चयन करते हुए इसकी डीपीआर तैयार कर ली गई है. राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सभी जिलों में 95 विकास केंद्रों में खाली पड़ी भूमि पर 50 से 500 मैट्रिक टन के कुल 95 गोदाम बनाए जाने की कार्यवाही चल रही है.
तीन बहु राज्य सहकारी समितियां के गठन के लिए एनसीओएल नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट समिति, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड के साथ समझौता किया जाना है. राज्यों में सहकारिता कानून में वर्तमान समय अनुसार बदलाव किया जाना है. इसके लिए विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया गया था. कमेटी की और से दिए गए सुझाव एवं संस्तुतियों का संकलन कर शासन को अनुमोदन के लिए पत्र भेजा गया है.
