रुड़की क्षेत्र में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा की गई छापेमारी के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस तस्वीर में प्रशासनिक अधिकारी रहे राजेश कपिल भी दिखाई दे रहे हैं, जिनकी मौजूदगी को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी राजेश कपिल दिसंबर 2025 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी द्वारा उनके सेवा विस्तार के लिए शासन को पत्र भी भेजा गया था, लेकिन शासन स्तर से उन्हें सेवा विस्तार नहीं दिया गया।
ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि जब राजेश कपिल को सेवा विस्तार नहीं मिला और वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं, तो फिर उन्हें किस आधार पर छापेमारी की कार्रवाई में शामिल किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर के बाद इस पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग प्रशासन से स्पष्टता की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस जारी है और लोग पूरे प्रकरण पर पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
