एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय खटीमा में छात्र-छात्राओं के तीन दिन के आंदोलन का आखिरकार असर दिखा है. भोजन की गुणवत्ता, एक्सपायरी राशन और बिजली-पानी से लेकर साफ-सफाई व अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर उठी शिकायतों के बाद निदेशालय जनजाति कल्याण ने बड़ी कार्रवाई की है. जिसके तहत छात्रों (Gen Alpha) ने अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठाई तो प्राचार्य को हटा दिया गया है.
मामले में विद्यालय की प्राचार्य भारती यादव को तत्काल प्रभाव से जिला जनजाति कल्याण अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया है. वहीं, पूरे मामले की अलग से जांच के आदेश दिए गए हैं. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, विद्यालय की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए पीजीटी गणित के शिक्षक रोशन झिंक्वाण को प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
दरअसल, लंबे समय से व्यवस्थाओं को लेकर नाराज चल रहे छात्रों ने अपनी मांगों के समाधान को लेकर तीन दिन तक विद्यालय परिसर में धरना दिया था. धरने के दौरान विद्यालय में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और राशन की स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए. छात्रों का आरोप था कि उन्हें खराब गुणवत्ता का भोजन और एक्सपायरी राशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था.
मामले की जानकारी मिलने पर जिला जनजाति कल्याण अधिकारी वीरेंद्र कुमार और तहसीलदार वीरेंद्र सजवाण टीम के साथ विद्यालय पहुंचे. जहां उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर समस्याओं की जानकारी ली. वहीं, खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी, नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा, राज्य दर्जा मंत्री मोहनी पोखरिया एवं सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा भी धरना स्थल पर पहुंचे और छात्रों से उनकी समस्याएं सुनीं.
निदेशालय के आदेश में कहा गया है कि प्राचार्य भारती यादव के संबंध में स्थानीय जनजाति प्रतिनिधियों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं. छात्रों और अभिभावकों में व्याप्त आक्रोश को देखते हुए उन्हें अग्रिम आदेशों तक जिला जनजाति कल्याण अधिकारी के कार्यालय से संबद्ध किया गया है.
